Basant Panchami Poems In Hindi With Images

Basant Panchami Kavita In Hindi Share on Whatsapp friends


आया बसंत हँसता गाता,

रंग -बिरंगी फूल खिलाता.


झूम रही है हर डाली डाली,

कूक रही कोयल मतवाली.


गुन गुन गुन गुन भंवरा गाता,

तितली रानी से बतियाता.


खुश हो बच्चे पतंग उड़ाते,

वो -काटा का शोर मचाते.


सर्दी कहती अब है जाना,

मौसम लगता बहुत सुहाना.


आया बसंत हँसता गाता,

मस्ती की गागर छलकाता.



Poem on Basant Panchami In Hindi




बसंत के रूप पर सिंहावलोकन छंद


आयो बहार बयार सखी अस

अंगहिं अंग उमंग जगायो।

गायो सुराग जो बाग में कोकिल

नृत्य में लीन मयूरहिं गायो।

भायो हिये खग नीलहिंकंठ औ

पंथहिं पंथ है पात बिछायो।

छायो चहूँ दिशि चूनर पीत तो

मीत लग्यो ऋतुराज हैं आयो।




कर सिंगार ऋतुराज बसंती, रंगों भर लाये पिचकारी।

प्रकृति नटी ने रची रंगोली, छितराई सुषमा रतनारी।।


सुरभित स्वर्ण-मुकुट धारी, पुष्पों से पुलकित फुलवारी।

ओढ़ बसंती चादर झूमी, खेतों में सरसों की क्यारी।।


बल-रश्मि के मृदु-चुंबन पर, सरसिज ने जब पलक उघारी।।

ज्योति-पुंज अंजलि भर रति ने बासंती आरती उतारी।।


मधुकर वृन्दे मधु-स्वर गूँजे, मधुकंठी भरती हुँकारी।

कुञ्ज-कुटीरे मलय समीरे, बाल-विहंगिनि की किलकारी।।


अमराई ऐसी बौराई पात पात नाची मतवारी।

वन में बागन वीथिन में बगरे बसंत की बलिहारी।।




I Love You Shayari 
Happy Marriage Anniversary Wishes With Images 
Very Funny Joke In Hindi