Friday, 29 September 2017

Mahatma Gandhi jayanti speech in hindi speech on 2nd october gandhi jayanti in hindi

Mahatma Gandhi jayanti speech in hindi  : 10 lines on gandhi jayanti in hindi, gandhi jayanti in hindi wikipedia, gandhi ji ka bhashan in hindi, essay on gandhi jayanti in hindi language, mahatma gandhi speech in hindi language, mahatma gandhi bhashan marathi, speech on gandhi jayanti for school in hindi,


Mahatma Gandhi jayanti speech in hindi speech on 2nd october gandhi jayanti in hindi


गाँधी जयंती पर भाषण - 1


'महात्मा गाँधी' का जन्म 2 अक्टूबर सन 1869 में पोरबंदर में हुआ था। मैट्रिक परीक्षा पास करने के बाद वह उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड गए। वहां से लौटने पर उन्होंने वकालत प्रारंभ की।

गांधीजी का सार्वजानिक जीवन दक्षिण अफ्रीका में प्रारंभ हुआ। उन्होंने देखा की भारतीयों के साथ बुरा व्यवहार किया जाता है। उन्होंने भारतीयों की सहायता की। उन्होंने सत्याग्रह आन्दोलन प्रारंभ किया। उन्होंने अनेक कष्ट सहे। उनको अपमानित किया गया। अंत में उन्हें सफलता मिली।

गांधीजी वापस भारत आये और स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया। वह कई बार जेल गए। अब सारा देश उनके साथ था। लोग उन्हें राष्ट्रपिता कहने लगे। अंत में भारत को 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त हुई।

गांधीजी सादा जीवन बिताते थे। उन्होंने हमको अहिंसा का पाठ पढाया। वह एक समाजसुधारक थे। उन्होंने छुआ-छूत को दूर करने का प्रत्यन किया। 30 जनवरी, 1948 को गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गयी।


गाँधी जयंती पर भाषण - 2


'गाँधी जयंती' हर वर्ष 2 अक्टूबर को मनायी जाती है। यह भारत में राष्ट्रीय त्यौहार के रूप में मनायी जाती है। गाँधी जयंती प्रतिवर्ष राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की जन्मतिथि पर उनकी स्मृति को कायम रखने के लिए मनायी जाती है।

इस दिन गांधीजी की स्मृति में उनकी समाधि पर फूल, माला अर्पित करते हैं तथा रघुपति राघव राजा राम की कीर्तन ध्वनि, चरखा इत्यादि कार्यक्रमों का आयोजन होता है।


गाँधी जयंती पर भाषण - 3


गांधी जयंती भारत में एक राष्ट्रीय छुट्टी 2 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस दिन से लोकप्रिय महात्मा गांधी या बापूजी के रूप में जाना राष्ट्र के पिता, मोहनदास करमचंद गांधी के जन्मदिन के सम्मान में मनाया जाता है। गांधी जी ने अहिंसा के उपदेशक के रूप में था अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस दिन अहिंसा के अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि शांति और सत्य का प्रतीक है। गांधीजी Porbunder, गुजरात में एक छोटे से शहर में, 2 अक्टूबर 1869 को हुआ था। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में कानून की पढ़ाई की और दक्षिण अफ्रीका में कानून का अभ्यास किया। अपनी आत्मकथा में गांधीजी “सत्य के साथ मेरे प्रयोग ‘अपने बचपन और किशोर उम्र के साल, 13 साल की उम्र और उसकी माँ को देश के लिए एक सरासर समर्पण पर कस्तूरबा के साथ उसकी शादी का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सादा जीवन और उच्च विचार का एक उदाहरण स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि धूम्रपान, शराब पीने और गैर शाकाहार जैसे व्यसनों के खिलाफ था। गांधी जी ने सत्य और अहिंसा के अग्रदूत थे। उन्होंने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के लिए ‘सत्याग्रह’ (अहिंसा) आंदोलन शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश शासन से भारत के लिए स्वतंत्रता प्राप्त करने में एक बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता की कुल अहिंसा के मार्ग के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है कि दुनिया के लिए साबित कर दिया। देश भर में सभी संगठनों ने इस दिन को बंद रहता है। विशेष घटना गांधीजी अंतिम संस्कार किया गया नई दिल्ली जहां राजघाट पर आयोजित किया जाता है। लोग प्रार्थना, श्रद्धांजलि देने और गांधीजी का पसंदीदा गीत गाते है “रघुपति राघव राजा राम, Patit पवन सीता राम …”। “आप कल मर रहे थे के रूप में अगर जीते। आप हमेशा के लिए जीवित करने के लिए के रूप में अगर जानें।”


गाँधी जयंती पर भाषण - 4


राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने हमारे देश को आजादी दिलाई थी | लोग उन्हें प्यार से बापु कहकर पुकारते थे | गांधी जी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर में हुआ | उनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था | इनके पिता का नाम श्री कर्मचंद और माता का नाम पुतलीबाई था | 13 वर्ष की आयु में ही इनका विवाह कस्तूरबाबाई से हो गया |

तब वे हाई स्कूल में पढ़ते थे| गांधी जी बचपन से ही सत्य और अंहिसा के पुजारी थे | 1887 में गांधी जी इंग्लैंड चले गये और 3 वर्ष बाद वकील बनकर लौटे | फिर वे अफ्रीका गये वंहा पर लोगों पर विदेशियों का अत्याचार देखकर उनका मन विचलित हो गया और उन्होंने विरोध करने के लिए सत्याग्रह का मार्ग अपनाया | फिर वो भारत को आजाद कराने के लिए भारत वापस आ गये |

गांधी जी ने देश को आजाद कराने के लिए अंहिसा का मार्ग अपनाया और कई आंदोलन किये | उनके मुख्य आंदोलन सत्याग्रह आंदोलन, डांडी यात्रा, असहयोग आंदोलन थे |

गांधी जी ने देश से छुआछूत को मिटाने के लिए बहुत प्रयास किये | विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार और स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने पर जोर दिया | हमारे देश को आजादी 15

अगस्त 1947 को मिली पर देश का बंटवारा हो गया | इसके कारण देश में साम्प्रदायिक झगडे हो गये |

इसके लिए गांधी जी ने हिन्दू-मुस्लिम एकता के लिए बहुत कार्य किये | 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोड़से नाम के व्यक्ति ने गांधी जी की गोली मारकर हत्या कर दी | अंहिसा का पुजारी हमेशा के लिए लोगों से दूर चला गया |


Navratri story in Hindi
Love Good Morning SMS 
Navratri story in Hindi

No comments:

Post a Comment