latest haryanavi jokes latest jokes in haryanavi




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एक बै किसे आदमी के बैल चोरी हो गये। उसनै पुलिस में रपट लिखा दी। पुलिस आयी अर पूछताछ करण लाग्यी। गाम का शरीफ़ सा आदमी नाम “उजागर अमली” बैल चुराण की बात मान गया। पुलिस ने उसकी मार-मार कै हड्डी-पसली तोड गेरी। दो दिन पाछे बैल चुरावण आला असली चोर और बैल पकडे गये। गाम आलै पूछण लाग्ये…….अरै उजागर तनै हामी क्यूं भरी……?

उजागर बोल्या…….मनै न्यू तै बेरा कोन्या…..पर लोगां नै न्यू तै बेरा लाग्या….अक उजागर अमली भी बदमाश सै !!



एक जाट गांव के स्कूल में मास्टर था । स्कूल के सामने ही पुलिस थाना था । एक दिन एक कुम्हार अपने गधों को लेकर स्कूल के सामने से गुजर रहा था कि एक गधे का बच्चा भागकर स्कूल में घुस गया और पीछे पेड़ों की ओट में चला गया । कुम्हार जब स्कूल में उसे ढूंढने गया तो मास्टर बोला "जा, भाग आड़े तैं" । कुम्हार बोल्या "ठीक सै, तू-ऐं राख ले उस गधे के बच्चे नै आपणै धोरै, उसनै पढ़ा-लिखा दिये" । मास्टर बोल्या - "ठीक सै" ।

कुम्हार चला गया और एक महीने बाद आया और मास्टर से उस गधे के बच्चे के बारे में पूछा । मास्टर बोल्या - "वो तै पढ़-लिख कै बड्डा आदमी हो-ग्या और थाणेदार बण-ग्या । देख वो बैठ्या थाणे आगै वर्दी पहने" ।

कुम्हार थाने पर पहुंचा और वहां बैठे थानेदार से बोला "अरै मेरा गधा का बच्चा, तू थाणेदार हो-ग्या?" थानेदार ने कुम्हार को पकड़ कर दो लात मारी । कुम्हार फिर बोल्या "आंछ्या, थाणेदार बण-ग्या पर लात मारण की बाण्य (आदत) ईब ताहीं ना छूटी" !!




थानेदार साहब जब नौकरी से रिटायर हुए तो उन्होंने जूतों की दुकान खोल ली । एक पुराना जानकार दुकान पर आकर बोला - दारोगा साहब, तो आपने जूतों की दुकान खोल ली !

जवाब मिला : "भाई, म्हारा तै सदा जूत्यां तैं-ऐं गुजारा चाल्या सै - पहल्यां जूते मार-कै रोटी खाया करते, ईब जूते बेच-कै खावां सां" !!



एक बै एक गाम में रौळा हो-ग्या । थाणेदार अर उसकी गैल्यां तीन-चार सिपाही गाम में आ-गे । रोळा सुलझा नहीं, रात हो गई । गाम आळे बोले अक थाणेदार साहब, हाड़ै-ए सो ज्याओ, हम आपके खाने का इन्तजाम करवा देंगे । थाणेदार मान ग्या ।

गाम आळे थाणेदार नै बूझण लागे - साहब के खाओगे ? थाणेदार बोल्या - "भाई, आजकल मेरा तै पेट खराब सै, थोड़ा सा दळिया बणवा दो । अर इन सिपाहियां तैं बूझ ल्यो अक ये के खावैंगे ।"

सिपाही थोड़ी सी दूर बैठे थे, गाम आळे उन धोरै गए अर उनकी पसंद पूछी । सिपाही बोले - पहल्यां न्यूं बताओ, अक थाणेदार साहब के (क्या) खावैंगे ।

गाम आळां नै बता दी अक थाणेदार साहब ताहीं तै दळिया बणै सै ।

न्यूं सुणतीं-हें एक सिपाही बोल्या - "अच्छा, जब म्हारे साहब ऐ दळिया खावैंगे, तै म्हारी तै खळ* भे (भिगो) दो" !!

खळ* - सरसों की खली, जिसे पानी में भिगो कर जानवरों को खिलाया जाता है ।