joke on jatt Haryanvi Chutkule in Hindi



joke on jatt Haryanvi Chutkule in Hindi


एक-बै सुण्डू बोतल पी-कै कत्ती धुत्त हो रहया, अर हलता-हलता गाळ में कै आण लाग रहया था । आगै जा कै उसनै देख्या अक दो-चार बूढ़े होक्का पीण लाग रहे थे अर बाणियां आपणी दुकान पै बैठ्या हिसाब सा जोड़ै था ।

सुन्डू बूढ़्यां धोरै जा-कै बोल्या - "ताऊ, राम-राम । कहते हो तै होक्का ताजा कर ल्याऊं, कहते हो तै हाथ-पांव दाबूं । बूढ़े बोल्ले - "ना बेटा, हम राजी सां, ऊपर आळा तेरा भला करै ।"
सुन्डू फेर पहुंच-ग्या बणियां की दुकान कै आगै । बणियां नै देखतीं हें रूका मार-कै बोल्या - "रै बणियें के बीज, सारा गाम लूट लिया साले, अर ईब पईसे गिणै सै ?" अर सुन्डू नै बणिये कै चार लात मारी अर आगै-नै चाल पड़ा ।

बणियां पड़ा-पड़ा न्यूं बोल्या - अड़ चौधड़ी, एक बोतल में दो-दो नशे पहली बार देखे !!





एक बै रात नै एक बजे रामफल शराब के नशे में धुत्त, आपणे घर जावै था, राह में पुलिस नै पकड़ लिया । पुलिस होलदार बूझण लाग्या - आं रै, इतणी रात नै कित जा था ?

रामफल बोल्या - जी, शराब के दुष्परिणाम पै लैक्चर सुणन जाऊं सूं ।

होल्दार - इतणी रात नै कूण लैक्चर देगा ?

रामफल - मेरी घर आळी रामभतेरी !!



काळू अर भूंडू नै घणी दारू पी राखी थी । रात नै साईकल पै बैठ कै कच्चे रास्ते तैं घरां जावैं थे । काळू साईकल चलावै था अर भूंडू पाछै बैठ्या था ।

भूंडू रास्ते मैं लुढ़क ग्या । काळू नै कोए ध्यान नहीं, मस्ती में झूमता घरां पहुंच्या अर बोल्या - ले भाई उतर, घर आ-ग्या ।

जब पाच्छे तैं कोए जवाब नहीं आया, तै काळू का नशा कुछ ढीला हुया, साईकल ठा कै उल्टा भाज लिया । राह में देख्या - भूंडू मस्ती में चूर राही में लोट रहया था । काळू उसनै देख कै बोल्या - आंह रै, ठीक सै ?

काळू नै जवाब दिया - "मैं ठीक बैठ्या सूँ, तू साईकल चलाता रह !"



एक बै एक चौधरी साहब छोरी देखण चले गए आपणे छोरे खातिर । छोरी घनी काळी थी, चौधरी साहब कै कोन्यां पसंद आई ।

छोरी का बाबू बोल्या - चोधरी साहब, छोरी नै पसंद कर ज्याओ । कार दे देवांगे दहेज़ में ।

चोधरी साहब बोल्ये - भाई, तू तै कार दे कै डिगा देगा । जै यो खरणा म्हारै चल्या गया, तै आगली पीढ़ी में म्हारी छोरी ट्रक दिए पाच्छै भी ना डिग्गै !!