Haryanvi Chutkule in Hindi haryanavi jokes in hindi language




Haryanvi Chutkule in Hindi haryanavi jokes in hindi language


एक बै एक आदमी नै अपणी छोरी खात्तर कैमिस्ट्री तै एमएससी करे होड़ा बटेऊ टोह दिया. सारी दुनिया मै वाह-वाह होगी अक भई बड़ा कामल काम कर्या. छोरी ब्याह दी. पहली रात नै उसका बटेऊ 10 बजे सी आया अर चास कै बल्लफ़ एक मोटी सी किताब खोल कै बैठ ग्या. छोरी नै सोची ले किमे जरुरी काम सा निपटान्ता होगा। लेकिन माणस नै तो महीना काढ़ दिया। रोज 10 बजे तै तीन बजे तक लैट चास्से राखदा, फेर चार बजे सी मार कै बूक्कल घुम्मण लिकड़ जान्दा। महीने पाछै छोरी अपणे घरां चली गई. उसनै देख्या उनके पड़ोस मैं एक बाछड़ा अ...र काटड़ा कट्ठे बंध रे। वो बाछड़ा ले अर अलबाद करता-करता जब्बै उस काटड़े के ऊपर चढ़ ज्या …य़ो देख कै छोरी का बब्बू बाछड़े नै खुरकाण लाग ग्या। इतणे मैं छोरी छो मैं आकै बोल्ली.. "बाब्बू, तू इस बाछड़े नै खुरकावै क्युं है, इसकी एमएससी करा दे !!



यह बात उस समय की है जब ताऊ देवीलाल हरयाणा के मुख्यमंत्री थे । एक बै किसै गाम में दौरे पै जा रहे थे । सब अपनी-अपनी समस्या एक-एक करके बतावण लाग रहे थे ।
एक मास्टरणी का नम्बर आया, ताऊ तैं बोल्ली - "जी, मेरा घरवाला भी मास्टर सै, अर हम दोनूआं के स्कूल घणी दूर-दूर सैं, मेरी बदली (transfer) करवाणी सै" ।
ताऊ बोल्या - "देखांगे बेटी आगै-सी, बदलियां पै तै आजकल रोक लाग रही सै" ।
व मास्टरणी किमैं घणी-ए तावळ में थी, बोल्ली - "जी, म्हारा तै कपल केस (couple case) सै" ।
ताऊ बोल्या - "बावळी, मैं चंडीगढ़ में रहूं सूँ, तेरी ताई तै तेजा-खेड़ा* में पड़ी सै - म्हारा के कपल-केस कोनी?"
तेजा-खेड़ा = चौधरी देवीलाल का पैतृक गांव (सिरसा जिले में)





एक दिन बाळक स्कूल जावैं थे, शमशान घाट की भीत धोरै दो बूढ़े घाम में बैठे होक्का पीवण लाग रहे थे । उन्हैं देख कै सत्ते बोल्या - देखिये रै बदलू, म्हारी दो छुट्टी तै हाड़ै (यहीं) बैठी होक्का पीवण लाग रही सैं !!



एक बै एक छोरा स्कूल नहीं आया । आगलै दिन मास्टर नै पूछा - रै, कल स्कूल क्यूं ना आया था?
बाळक बोल्या - मास्टर जी, म्हारी भैंस नै काटड़ा दिया था ।
मास्टर बोल्या - इसमैं के खास बात हो-गी ?
बाळक नै जवाब दिया - जी, खास बात ना सै, तै आप दे कै दिखा दो !!