haryanavi jokes full fun jatt status for whatsapp in hindi



haryanavi jokes full fun jatt status for whatsapp in hindi


बदलू और जागे घणी दारू पीया करते । बदलू की घरवाली किताबो उन-तैं घणी दुखी रहया करती । कतई तंग आ-कै एक दिन उसनै मन बणा लिया अक ईबकै आवण दे अनपूते नै पी कै - लट्ठां तैं कूटूंगी ।

रात नै किताबो बांस की कामड़ी ले कै किवाड़ कै पाछै लुक कै खड़ी हो गई । बदलू पी कै दरवाजे में घुसण लाग्या, तै किताबो नै कामड़ी मार-मार कै उसकी सौड़ सी भर दी । बदलू पिटता-पिटता बोल्या - "ए बेब्बे, गलती हो-गी, मैं तै गलत घर में आ-ग्या" ।

बदलू उल्ट-पाहयाँ जागे धोरै गया अर बोल्या - "जागे भाई, मैं तै आपणा घर भूल-ग्या, एक गलत घर में जा बड़या - तू मन्नै घरां छोड कै आ ।" जागे बोल्या - "अरै, तन्नै घणी पी राखी सै, ल्या मैं छोड कै आऊं सूं तन्नैं तेरै घरां - चिन्ता ना कर ।"

जागे बदलू का हाथ पकड़ कै आगै-आगै चाल पड़या अर बदलू के घर का दरवाजा खुला देख कै उसनै खींचण लाग्या ।

किताबो फिर किवाड़ कै पाछै खड़ी थी, अंधेरे में उसनै कोनी देख्या अक कुण-सा आवै सै । किताबो नै कामड़ी सिंगवा कै जागे की कड़ में टेक दी और लागी उसकी सौड़ सी भरण ।

बदलू थोड़ी सी दूर जा कै बोल्या - "मार बेब्बे, मार साळे कै - पीये ओड़ समझ कै यो मन्नैं फिर एक गलत घर में बाड़ै था" !!



भाई, एक बै चार मौलड़ घणी दारू पी कै गाम में रात के बारह बजे पाच्छै बड़े आ-कै । सारे कत्ती धुत्त हो रहे थे । एक घर धोरै आ-कै रूका मारण लाग-गे - रणबीर, ओ रणबीर - रणबीर रै !!

रौळा सुण कै छात (छत) पर तैं एक लुगाई बोल पड़ी - "के ज्ञान हो रहया सै, हाड़ै कोन्या रणबीर - वो तै दूसरे गाम में जा रहया सै" ।

न्यूं सुण कै उन मौलड़ां म्हां तैं एक बोल्या - "तू कूण सै भिर" ? वा बोल्ली - "मैं रणबीर की बहू सूं, और कूण सूं ?"

इतना सुणना था, अर उन-म्हां तैं एक बोल्या - "ठीक सै, एक बै तळै आ-ज्या, अर आपणे नै पिछाण ले-ज्या - हम भी जा कै सोवां फिर" !!





सुन्डू बेचारा सुल्फा पीये रहया करता अर बावळी-बावळी बात करीं जाता । एक दिन तड़कैहें-तड़कैहें भीत कै कान ला कै ध्यान तैं सुणन लाग रहया ।

उसका ढ़ब्बी पेटला भी आया अर देख्या - यो के हो रहया सै ? उसनै भी कान ला लिये भीत कै । फेर कान हटा कै बोल्या - रै सुन्डू, भाई, किमैं सुण्या-ए कोन्या !

सुन्डू नै एक दिया उसके कान पै, अर बोल्या - खसमड़े, मैं तड़कैहें तैं इसकै कान लाईं बैठ्या ! जब मन्नैं ऐं ईब ताहीं ना सुण्या...तै तेरे ताहीं के खड़ताळ बाजैंगी ?"



एक शराबी आधी रात के बखत नशे में धुत्त सड़क पै चाल्या जावै था । सड़क के किनारे एक खंबे पै, जिस पै एक बल्ब जळै था, उस कै धोरै आ-कै रुक ग्या अर खंभे नै हाथ तैं खटखटावण लाग्या अर आवाज देण लाग्या - "खोलो, दरवाजा खोलो" ।

एक चौकीदार नै यो नजारा देख्या अर उसतैं मखौल करण की सोची । वो शराबी तैं बोल्या - "ओ भाई, हाड़ै घर में कोए कोनी, जा आगे-नै" ।

शराबी बोल्या "कोए क्यूकर कोनी, ऊपर देख - उपर चौबारे की लाइट बी जळण लाग रही सै ।"