Thursday, 29 September 2016

haryanavi chutkule Haryanvi Chutkule in Hindi Funny Haryanvi Jokes in Hindi



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अब तो भोले-भाले चमार कम ही रह गए हैं । सच्ची बात है - एक गांव में एक चमार हुआ करता था जिसका नाम था ’तिप्पन’ । गर्मी के दिन थे, रात को अपनी मूंज की चारपाई पर लेटा था, हल्की सी गुदड़ी बिछा रखी थी । खटमलों ने उसे सोने न दिया । गुस्से में आकर बोला "अळ सुसळो, आज के तै तुम नहीं, के मैं" । और अपनी गुदड़ी जमीन पर रखकर उसको आग लगा दी । सारे गांव को यह खबर लग गई और आज भी गांव वाले चटकारी लेकर यह कहते हैं:

"तिप्पन चमार तेरी गूदड़ी जळै"

"अळ के करूं किसान मेरै जूं सी लड़ैं"



गांव के बाहर सड़क पर चमार ने एक बुलडोजर चलता देख लिया । उसने पहली बार बुलडोजर देखा था । उसने सोचा कि यह कोई रेल का इंजन होगा । हांफता-हांफता घर आया और घरवालों को बोल्या - "सारे के सारे छात्यां (छतों) पै चढ़ ज्याओ, एक रेल राह भूल रही सै" !!





एक बै दो चमारां के छोरे एक मोटरसाईकिल पै बैठे जावैं थे । चलाणियां ने एकदम तैं खड़े ब्रेक मारे अर पाच्छै बैठे छोरे नै बोल्या - "उतर ! पाच्छै एक मूमफळी पड़ी सै, ठा ले ।"

वो छोरा ठा ल्याया । मूमफळी फोड़ी, उसमैं दो दाणे लिकड़े । एक-एक दाणा दोनुआं नै ले लिया ।

आगला बोल्या "आपणी गैल रहगा तै न्यूं ऐं मूमफळी खावैगा अर मौज करैगा !!"



घणे साल पहल्यां की बात । गाम में पंचायत हुई - उसमैं मुद्दा यो था अक ब्याह में टाइम घणा लागण लाग-ग्या, इसका के समाधान हो?

सारा गाम इकट्ठा हो-ग्या । सरपंच नै कही अक भाई सलाह दो । किसै नै कही कि बाजे पै रोक लगा दो - ये नाचण आळे भोत घणा टाइम लेवैं सैं । किसै ने कहया अक पांच आदमियां की बारात होनी चाहिये । एक बोल्या कि पंडित तैं कहो अक फेरे करवावण में कम टाइम लगावै ।

घीसू चमार बोल्या - अळ औळ (और) बात तै साळी (सारी) ठीक सैं, पळ (पर) ब्याह में सब-तैं घणा टाइम लेवैं सैं भाती - अळ ये भाती गाम के होणे चाहियें !!




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