papu & teacher








पप्पू का आज फ़ाइनल एग्जाम था,

पप्पू को पेपर में एक भी सवाल का जवाब नहीं आता था,

पप्पू नालायक खाली कॉपी ही छोड़ आया,

जब पप्पू रूम से निकला,

टीचर एकदम गुस्से में – क्यों बे नालायक,

कुछ करके भी आया है,

या ऐसे ही आ गया,

पप्पू – जी सर, ब्रेकफास्ट करके आया हूँ, और आप :) :)

टीचर बेहोश :(



पप्पू को गणित बिलकुल समझ में नहीं आती थी

मास्टर – कल सवाल हल करके लाएगा,

पप्पू – जी मास्टर जी

मास्टर – अगर कल काम करके नहीं लाया तो

मैं मुर्गा बनाऊंगा

पप्पू मास्टर का भी बाप निकला, पप्पू बोला –

मुर्ग़ा तो मैं खाता ही नहीं, पनीर आलू बना लेना……..

फिर दे थप्पड़, दे थप्पड़ :) :) 



टीचर क्लास में गणित पढ़ा रहा था

टीचर – बोर्ड में 55 लिखो,

पप्पू – सर कैसे लिखते हैं

टीचर – 5 लिखे फिर उसके साइड में एक और 5 लिख

पप्पू – ने बोर्ड में 5 लिखा और रुक गया

टीचर – अबे क्या हुआ रुक क्यों गया

पप्पू – सर दूसरा 5 किस साइड लिखूं समझ नही आ रहा :) :) 



अध्यापक कक्षा में रामायण के इतिहास के बारे में बता रहे थे।

अध्यापक: बच्चों रामचंद्र ने समुन्द्र पर पुल बनाने का निर्णय लिया।

पप्पू: सर मैं कुछ कहना चाहता हूँ।

अध्यापक: कहो बेटा।

पप्पू: रामचन्द्र का पुल बनाने का निर्णय गलत था।

अध्यापक: कैसे?

पप्पू: सर उनके पास हनुमान थे जो उड़कर लंका जा सकते थे तो उनको पुल बनाने की कोई जरुरत ही नही थी।

अध्यापक: हनुमान ही तो उड़ना जानते थे बाकी रीछ और वानर तो नही उड़ते थे।

पप्पू: सर वो हनुमान की पीठ पर बैठकर जा सकते थे। जब हनुमान पूरा पहाड़ उठाकर ले जा सकते थे तो वानर सेना को भी तो उठाकर ले जा सकते थे।

अध्यापक: भगवान की लीला पर सवाल नही उठाया करते।

पप्पू: वैसे सर एक उपाय और था।

अध्यापक: क्या?

पप्पू: सर हनुमान अपने आकार को कितना भी छोटा बड़ा कर सकते थे

जैसे सुरसा के मुँह से निकलने के लिए छोटे हो गए थे

और सूर्य को मुँह में देते समय सूर्य से बड़े तो वो अपने आकार को भी तो समुन्द्र की चौड़ाई से बड़ा कर सकते थे

और समुन्द्र के ऊपर लेट जाते,सारे बंदर हनुमान जी की पीठ से गुजरकर लंका पहुँच जाते और

रामचंद्र को भी समुन्द्र की अनुनय विनय करने की जरुरत नही पड़ती। वैसे सर एक बात और पूछूँ?

अध्यापक: पूछो।

पप्पू: सर सुना है समुन्द्र पर पुल बनाते समय वानरों ने पत्थर पर राम राम लिखा था जिससे पत्थर पानी पर तैरने लगे थे।

अध्यापक: हाँ तो ये सही है।

पप्पू: सवाल ये है बन्दर भालुओं को पढ़ना लिखना किसने सिखाया था?

अध्यापक: हरामखोर बंद कर अपनी बकवास और मुर्गा बन जा।



एक बार गणित के शिक्षक ने पप्पू को बुलाया और अपनी कापी चेक कराने के लिए कहा।

पप्पू: मास्टरजी मैंने तो होमवर्क किया ही नहीं।

मास्टर: तुम्हारा तो पढने में मन ही नहीं लगता, अब बताओ की होमवर्क ना करने का तुम्हारे पास क्या बहाना है?

पप्पू: जी मास्टर जी वो कल आपने जो गुणा-भाग समझाया था ना वो मुझे समझ नहीं आया।

मास्टर: नालायक तुम्हे वह सामान्य सा गुणा-भाग समझ नहीं आया, मैं जब तुम्हारी उम्र का था तो 15-15 अंकों वाला गुणा-भाग चुटकियों में कर देता था।

पप्पू: कर देते होंगे मास्टर जी, क्योंकि आपको पक्का कोई अच्छा टीचर पढाता होगे।